सरपंच ग्राम पंचायत का प्रमुख होता है। सरपंच भारत में स्थानीय स्वशासन के लिए गांव स्तर पर विधिक संस्था ग्राम पंचायत का प्रधान होता है।[1]पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के गॉवों में भी यह प्रसाशन प्रणाली पायी जाती है। सरपंच चुने गए पंचों की मदद से ग्राम पंचायत के महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेता है।सरपंच का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

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  1. मिश्रा, सुरेश; ढाका, राजवीर (2004). जमीनी स्तर पर लोकतंत्र: हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं के काम करने का एक अध्ययन. कांसेप्ट प्रकाशन कंपनी. पृ॰ 116. मूल से 31 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2013-11-24.