अभिवादन (greeting) मानव संचार की वह क्रिया होती है जिसमें व्यक्ति एक-दूसरे को अपनी उपस्थिति से अवगत कराते हैं और दूसरे की उपस्थिति को स्वीकारते हैं। अक्सर इसमें दूसरे की उपस्थिति का स्वागत करा जाता है या उसपर प्रसन्नता जतलाई जाती है। आमतौर पर यह व्यक्तियों में आपसी-सम्बन्ध का भी संकेत होता है, चाहे वह औपचारिक हो या अनौपचारिक। अभिवादन परम्पराएँ स्थानों और संस्कृतियों के अधार पर बहुत भिन्न होती हैं लेकिन वे विश्व के हर सामाज में पाई जाती हैं। अभिवादन शारीरिक संकेत (मसलन नमस्ते या हाथ का हिलाना या सिर का झुकाना), बोलकर या इन दोनों को मिलाकर करा जाता है। पत्र या ईमेल जैसे लिखित संचार में भी अभिवादन व्यत्क्त करा जा सकता है।[1]

ज़रा सी टोपी उठाना कभी पश्चिमी संस्कृतियों में एक आम अभिवादन और आदर का संकेत था

कुछ भाषाओं में एक ही शब्द या संकेत किसी का स्वागत करने के लिये और उस से विदा होने के लिये प्रयोग होता है। उदाहरण के लिए अंग्रेज़ी में "गुड डे" (Good day), अरबी में "अस-सलाम-आलेकुम" (السلام عليكم), इब्रानी में "शालोम" (שָׁלוֹם) और इतालवी में "च्याओ" (Ciao)। सिर-झुकाना और हाथ मिलाना भी मिलने व विदा करने दोनों के लिये प्रयोगित हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें