सलीम प्रथम (उस्मानी तुर्कीयाई: سليم اول, आधुनिक तुर्कीयाई: I. Selim; 1470/1 – सितम्बर 1520) 1512 से 1520 तक उस्मानिया साम्राज्य के सुल्तान थे।[1] सलीम के दौर में ही इस्लामी ख़िलाफ़त अब्बासी राजवंश के हाथों से उसमानी राजवंश में हस्तान्तरित हुई और मक्का और मदीना के मुक़द्दस शहर उसमानी साम्राज्य का हिस्सा बने। इनके सख़्त स्वभाव की वजह से तुर्क लोग इन्हें "यावुज़ सुल्तान सेलिम" (तुर्कीयाई : Yavuz Sultan Selim) अर्थात "साहसी सुल्तान सलीम" कहते हैं।[2]

एक अज्ञात यूरोतीय चित्रकार द्वारा सलीम प्रथम का चित्र

उन्होंने अपने पिता बायज़ीद द्वितीय को तख़्त से उतारा और ख़ुद हुकूमत संभाली। क़ानून और उस वक़्त के प्रचलित उसूलों के मुताबिक़ उन्होंने तख़्त संभालते ही अपने सभी भाईयों और भतीजों को क़तल कर डाला।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Ágoston, Gábor (2009). "Selim I". प्रकाशित Ágoston, Gábor; Bruce Masters (संपा॰). Encyclopedia of the Ottoman Empire. पपृ॰ 511–3.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 17 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 नवंबर 2017.