रामभाउ कुण्डगोलकर, प्रचलित नाम: पंडित सवाई गंधर्व (१९ जनवरी १८८६ – १२ सितंबर १९५२),[2] एक प्रसिद्ध [हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी शास्त्रीय ]] गायक एवं किरण घराने के मराठी रंगमंच कलाकर थे। ये अब्दुल करीम खान के शिष्य थे और इनके शिष्यों में भारत रत्न धारक भीमसेन जोशी हैं।[3] पंडित गंधर्व किरन घराने के शैलियों को विभिन्न शिष्यों में बांटने के लिये प्रसिद्ध रहे हैं। इन शिष्यों में प्रमुख कुछ हैं: भीमसेन जोशी, [[गंगुबाई हंगल][], फिरोज़ दस्तूर Pt. Gandharva is most well known for popularizing the stylings of the Kirana Gharana through his accomplished disciples, including Pt. Bhimsen Joshi, Dr. Gangubai Hangal, Firoz Dastur, and Pt. Basavaraj Rajguru.[4]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 24 मई 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवंबर 2010.
  2. "Artist of the month". मूल से 24 नवंबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवंबर 2010.
  3. "पं भीमसेन जोशी". मूल से 27 अक्तूबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवंबर 2010.
  4. "Pandit Bhimsen Joshi - Pandit Bhimsen Joshi Classical Singer - Pandit Bhimsen Joshi Khayal Singer". मूल से 6 दिसंबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 नवंबर 2010.
सवाई गंधर्व
जन्मनाम रामचंद्र गणेश सौंशी[1]
जन्म १९ जनवरी १८८६
निवास कुण्डगोल, कर्नाटक
मृत्यु १२ सितंबर १९५२ (आयु ६६)
शैली हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत, खयाल, ठुमरी, भजन, नाट्यगीत, आदि
व्यवसाय हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायक