संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्ष २००० के सहस्त्राब्दि शिखर सम्मेलन में २०१५ तक के लिये ८ वैश्विक विकास लक्ष्य निर्धारित किये गये थे जिन्हें सहस्राब्दी विकास लक्ष्य' (Millennium Development Goals (MDGs)) कहा जाता है। संयुक्त राष्त्र के उस समय के १८९ सदस्य राष्ट्रों तथा २२ अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं ने २०१५ तक निम्नलिखित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये संकल्प लिया-

  1. भूखमरी तथा गरीबी को समाप्त करना
  2. सार्वजनिक प्राथमिक शिक्षा
  3. लिंग समानता तथा महिला शसक्तीकरण
  4. शिशु-मृत्यु दर घटाना
  5. मातृत्व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
  6. HIV/AIDS, मलेरिया तथा अन्य बीमारियों से छुटकारा पाना।
  7. पर्यावरण सततता
  8. वैश्विक विकास के लिए सम्बन्ध स्थापित करना
चित्र:MDGs.svg
सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों के प्रतीक चिह्न

भारत की स्थितिसंपादित करें

भारत ने लक्षित लक्ष्यों में से HIV/AIDS, गरीबी, सार्वजनिक शिक्षा तथा शिशु मृत्युदर में निर्धारित मानकों को 2015 तक प्राप्त कर लिया है जबकि अन्य लक्ष्यों में भारत अभी भी पीछे है।

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