सांबार (तमिल: சாம்பார, कन्नड़: ಸಾಂಬಾರು, मलयालम: സാമ്പാർ, तेलुगु: సాంబారు), दक्षिण भारतीय खाने का एक मूल व्यंजन है, जो पूरे द्रविड़ क्षेत्र में एक है। इसके अलावा श्रीलंका के खाने में भी खूब प्रचलित है। यह अरहर की दाल से बनता है।

दक्षिण भारतीय उपाहार व्यंजन इडली, सांबार और वड़ा, परंपरागत केले के पत्ते पर परोसा हुआ। स्टेनलैस स्टील के चमकते प्याले, तश्तरियां दक्षिण भारतीय डाइनिंग टेबल की खास शोभा हैं

सांबार मूलत: अरहर (तुवर) दाल से बनता है, जिसमें विभिन्न सब्जियां भी पड़ी होती हैं और साथ ही इमली भी होती है। इनके ऊपर से सांबार मसाले का छौंक इसकी खास खुश्बू की पहचान है, जिसमें कड़ी पत्ती भी पड़ती है। यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिल नाडु सभी स्थानों में समान रूप से प्रचलित है।

सांभर दक्षिण भारत की अभिन्न पहचान है। वहां का सामान्य खाना ही सांबार-चावल होता है। इसके अलावा सांबार इडली, सांबार दोसा, सांबार उत्तपम, इत्यादि हरेक व्यंजन का साथी है।

पाक विधिसंपादित करें

 
सांबार की तैयारी की खास सामग्री
 
तैयार सांबार

आवश्यक सामग्रीसंपादित करें

  • अरहर की दाल - 100 ग्राम (एक छोटी कटोरी)
  • लौकी - 250 ग्राम (कटे हुये टुकड़े एक कटोरी)
  • बैगन - 1-2 छोटे
  • भिण्डी - 4-5
  • टमाटर - 3-4
  • हरी मिर्च - 2
  • अदरक - 1 1/2 इंच लम्बा टुकड़ा
  • इमली का पेस्ट - 1 छोटी चम्मच (यदि आप चाहें तो)
  • नमक स्वादानुसार

सांबार मसालासंपादित करें

  • लाल मिर्च - 3-4
  • धनिया - 1 टेबिल स्पून
  • मैथी के दाने - 1 छोटी चम्मच
  • हल्दी पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
  • चना दाल - 1 एक छोटी चम्मच
  • उरद दाल _ 1 एक छोटी चम्मच
  • हींग - 2 पिंच
  • जीरा - आधा छोटी चम्मच
  • काली मिर्च - आधा छोटी चम्मच
  • तेल - 1 छोटी चम्मच

छौंकसंपादित करें

  • तेल -1- 2 टेबिल स्पून
  • राई - 1 छोटी चम्मच
  • करी पत्ता - 7-8
चित्र:Gntidli.jpg
गुंटूर के एक रेस्तरां में सांबार संग इडली

विधिसंपादित करें

अरहर की दाल को धोकर 1-2 घंटे के लिये पानी में भिगो दीजिये (दालें पहले से पानी में भिगो कर पकाने से जल्दी पकती है और स्वादिष्ट भी हो जाती है)।

सांबार मसाला
  • कढ़ाई में एक छोटी चम्म्च तेल डालकर गरम कीजिये। चना उरद दाल और मैथी के दाने डाल कर हल्का ब्राउन होने तक भूनिये।
  • जब ये हल्के भुन जायें तो इनमें धनिया, जीरा, हींग, हल्दी पाउडर, धनियां, काली मिर्च और लाल मिर्च मिला कर थोड़ा ओर भूनिये।। ठंडा कीजिये और पीस लीजिये।
  • सांबार मसाला पाउडर आप इस्तेमाल के लिये एकसाथ भी बना कर रख सकते हैं लेकिन इसे दो सप्ताह के अन्दर अन्दर प्रयोग कर लें। अधिक समय तक रखे गये पिसे मसाले अपनी महक खो बैठते हैं। ताजा भुने हुये मसालों से बनी सांबार में जो स्वाद और महक होती है वह अधिक समय तक रखे मसालों से नहीं आती।
  • टमाटर, हरी मिर्च और अदरक को पीस कर पेस्ट बना लीजिये।
  • दाल को कुकर में दुगने पानी के साथ डालिये, एक सीटी आने के बाद 4-5 मिनिट तक धीमी गैस पर पकाइये, गैस बन्द कर दीजिये।
  • लौकी, बैगन और भिण्डी को धोकर 1 इंच लम्बे टुकड़ों में काट लीजिये। स्वाद के अनुसार नमक और 3-4 टेबिल स्पून पानी डाल कर, सब्जियों के नरम होने तक पकने दीजिये।
  • कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये। गरम तेल में राई डालिये, राई तड़कने के बाद करी पत्ता डाल कर भूनिये। अब टमाटर का पेस्ट डाल कर तब तक भूनिये जब तक कि मसाले के ऊपर तेल न तैरने लग जाय।
  • अब इस मसाले में सांबार मसाला डाल कर 1 मिनिट भून लीजिये।
  • कुकर का प्रेशर खतम होने के बाद, कुकर खोलिये, दाल को मैस कर लीजिये, दाल, में टमाटर का भुना हुआ मसाला, और सब्जियां मिलाइये, आपको जितना गाढ़ा सांबार चाहिये, उसके अनुसार पानी डाल दीजिये, नमक और इमली का पेस्ट मिला दीजिये।
  • उबाल आने के बाद सांबार को 3-4 मिनिट तक पकाइये। सांबार बनकर तैयार हो गया है।

सांबार को किसी प्याले में निकालिये, हरे धनिये के पत्ते डालकर सजा दीजिये।

गरमा गरम सांबार इडली, दोसा या अपने मन पसन्द रैसिपी के साथ परोसिये और खाइये।

ध्यान दें

यदि आप प्याज वाला सांबार खाना चाहते हैं, तब राई और पत्ते डालने के बाद, एक बारीक कटी प्याज डालकर, हल्का गुलाबी होने तक भूनिये, अब टमाटर, हरी मिर्च का पेस्ट डालकर मसाला भूनिये, बाकी उपरोक्त विधि से सांबार बना लीजिये। सब्जियों को आप अपने स्वाद के अनुसार कम, ज्यादा कर सकते हैं, जो सब्जी आप पसन्द करते हो, वह डाल सकते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

According to food historian K. T. Achaya, the earliest extant mention of sambar in literature can be dated to the 17th century.[1]

Legend states that sambar was first made accidentally by the Maratha ruler Sambhaji, when he tried to make dal curry in absence of his chef. He added tamarind to the dal, resulting in the dish that later came to be known as sambar.[2]