आपसी मत भिन्नता को सम्मान देने के बजाय विरोधाभास का उत्पन्न होना, अथवा ऐसी परिस्थितियों का उत्पन्न होना जिससे व्यक्ति किसी अन्य धर्म के विरोध में अपना व्यक्तव्य प्रस्तुत करे, साम्प्रदायिकता कहलाता है। जब एक सम्प्रदाय के हित दूसरे सम्प्रदाय से टकराते हैं तो सम्प्रदायिक्ता का उदय होता है यह एक उग्र विचारधारा हैै जिसमे दूसरे सम्प्रदाय की आलोचना की जाती हैै इसमे एक सम्प्रदाय दूसरे सम्प्रदाय को अपने विकास में बाधक मान लेता है

सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएंसंपादित करें

मुख्य लेख: भारत में धार्मिक हिंसा , भारत में जाति से संबंधित हिंसा , और भारत में आतंकवाद

नाम तारीख परिणाम
कलकत्ता दंगा १६ अगस्त १ ९ ४६ बंगाल का विभाजन , 4,000 हिंदू मारे गए, हिंदू संपत्ति को नुकसान पहुंचा
१९७१ का बांग्लादेश का नरसंहार 21 मार्च - 16 दिसंबर 1971 300,000 से 3 मिलियन हिंदू मारे गए, 3 मिलियन विस्थापित हुए।
1984 सिख विरोधी दंगे 31 अक्टूबर - 3 नवंबर 1984 3,350 (भारत सरकार का आंकड़ा) या 8,000–17,000 (स्वतंत्र अनुमान) सिख मारे गए।
बंबई के दंगे दिसंबर 1992 - जनवरी 1993 लगभग 900 हिंदू और मुसलमान मारे गए, 200,000 शरणार्थी।
वंधामा नरसंहार 25 जनवरी 1998 25 हिंदू मारे गए।
चित्तसिंहपुरा के नरसंहार २० मार्च २००० 35 सिखों की हत्या
गोधरा ट्रेन जलती हुई 27 फरवरी 2002 58 हिंदू मारे गए।
2002 के गुजरात दंगे 27 फरवरी 2002 - 1 मार्च 2002 790 मुसलमान और 254 हिंदू मारे गए।
मराड के नरसंहार २ मई २००३ 8 हिंदू मारे गए।
2010 देगंगा दंगे 6 सितंबर 2010 हिंदू संपत्ति को नुकसान पहुंचा
2012 असम के हिंसा 20 जुलाई 2012 - 15 सितंबर 2012 77 मरे।
2020 दिल्ली के दंगा 23 फरवरी 2020 - 29 फरवरी 2020 36 मुस्लिम और 15 हिंदू मारे गए।