सारस्वत ब्राह्मण भारत के हिन्दू ब्राह्मणों का एक उप-समूह है जो अपने आपको सरस्वती नदी के किनारे रहने वालों का वंशज मानते हैं।

सारस्वत ब्राह्मणों के साथ परशुराम, कोंकण क्षेत्र की स्थापना हेतु वरुण को समुद्र को पीछे हटाने का का आदेश देते हुए।[1]

कल्हण के राजतरंगिणी (१२वीं सदी) में विन्ध्याचल के उत्तर में रहने वाले पाँच पंच गौड ब्राह्मणों में से एक है।[2]

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  1. Shree Scanda Puran (Sayadri Khandha) -Ed. Dr. Jarson D. Kunha, Marathi version Ed. By Gajanan shastri Gaytonde, published by Shree Katyani Publication, Mumbai
  2. डी॰ श्याम बाबू और रविन्द्र एस॰ खरे, संपा॰ (2011). Caste in Life: Experiencing Inequalities (अंग्रेज़ी में). पीयर्सन एजुकेशन इंडिया. पृ॰ 168. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788131754399.