साहिबजा़दा अजीत सिंह

चुमकुर युद्ध में शहादत प्राप्त गुरु गोबिंद सिंह जी के सबसे बड़े साहिबज़ादे

साहिबज़ादा अजीत सिंह या बाबा अजीत सिंह सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के चार पुत्रों मे से सबसे बडे़ थे। माता सुन्दरी के गर्भ से इनका जन्म हुआ था। वे माता सुन्दरी के एकमात्र पुत्र थे। इनके तीन छोटे भाई थे साहिबजादा जुझार सिंह , साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह उनकी सौतेली माँ से जन्मे थे ।

अजीत सिंह अपने पिता और भाईयों के साथ

बाबा जोरावर सिंह को नौ साल की उम्र में शहादत प्राप्त हुई थी। सबसे छोटे पुत्र बाबा फ़तेह सिंह को पांच साल की उम्र में शहादत प्राप्त हुई थी। बाबा जोरावर सिंह और बाबा फ़तेह सिंह को सरहंद के नवाब वाजिद खान ने जिन्दा दिवार में चुनवा दिया था और बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह को चमकौर की लड़ाई में वीरगति प्राप्त हुई थी। पंजाब के मोहाली शहर का नाम 'साहिबजादा अजीत सिंह नगर'(SAS Nagar) रखा गया है।