सिदत्सङ्गरा श्री लंका में मध्यकाल में रचित एक विद्वतापूर्ण ग्रन्थ है जो सिंहल भाषा में काव्यरचना के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में लिखा गया है। डब्ल्यू एस करुणातिलके तथा जेम्स गेयर ने १९५५ से २०१२ तक घोर परिश्रम से इसका अनुवाद किया है। [1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "JAMES GAIR AND W.S. KARUNATILLAKE — PHOTOS ILLUSTRATING DECADES OF COLLABORATION PROMOTING THE STUDY OF SINHALA". मूल से 27 मई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 मई 2018.