मुख्य मेनू खोलें
सिद्धिचरण श्रेष्ठ

सिद्धिचरण श्रेष्ठ (21 मई 1912 - 4 जून 1992) नेपाल के प्रमुख साहित्यकार थे। उन्होने अपने लेखन के द्वारा राणा शासन (1846-1951) के विरुद्ध संघर्ष किया। उनकी क्रांतिकामिनी कविता ने स्वतन्त्रता सेनानियों को जागृत किया जिसके लिए उन्हें १८ वर्ष के कारावास का दण्ड झेलना पड़ा। उन्होने नेपाल भाषा और नेपाली में लिखा ।[1][2]

कृतियाँसंपादित करें

सिद्धिचरण श्रेष्ठ नेपाल के ही प्रसिद्ध कवि नही हैं बल्कि युग कवि भी हैं। नेपाल के ओखलढुंगा मे अपना शैशवकाल बिताए कवि ने अपने जन्मस्थल के विषय में अपने मन के भाव इस कदर उकेरा है कि उनके द्वारा रचित 'मेरो प्यारो ओखलढुंगा' (मेरा प्यारा ओखलढुंगा) शीर्षक की कविता कालजयी हो गई है। आज भी उन की उपरोक्त कविता पाठयक्रम में शामिल है।

तिम्रै सुन्दर हरियालीमा
तिम्रै शीतल वक्षःस्थलमा
यो कविको शैशवकाल बित्यो,
हाँस्यो, खेल्यो, वन कुञ्ज घुम्यो
मेरो प्यारो ओखलढुंगा !

कविता संग्रहसंपादित करें

१. मेरो प्रतिबिम्ब (२०२१),
२. कोपिला (२०२१),
३. कुहिरो र घाम (२०४५),
४. सिद्धिचरणका प्रतिनिधि कविता (२०४५),
५. तिरमिर तारा (२०४६) र
६. बाँचिरहेको आवाज (२०४६)

खण्डकाव्यसंपादित करें

१. उर्वशी (२०१७),
२. ज्यानमारा शैल (२०२३),
३. मंगलमान (२०४९) र
४. आँसु (२०५०)

सम्मान/पुरस्कारसंपादित करें

  • भूकम्प तक्मा (१९९०),
  • त्रिभुवन पुरुस्कार (२०२७),
  • रत्नश्री सुवर्ण पदक (२०३१),
  • पृथी प्रज्ञा पुरुस्कार (२०४५),
  • बेधनिधि पुरुस्कार (२०४६),
  • गोरखा दक्षिण बाहु,
  • त्रिशक्तपट्ट र
  • श्रीरामपट्ट[3]

सेवा, व्यवसाय और संलग्नतासंपादित करें

१. भूकम्प पीडितोद्धार समिति का कारिन्दा (१९९०)
२. शारदा के सम्पादक (१९९१)
३. दैनिक आवाज पत्रिका के प्रधान सम्पादक (२००७)
४. कविता पत्रिका के संस्थापक (२०१२)
५. नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठान के सदस्य (२०१४)
६. कविता प्रतिका के प्रधान सम्पादक (२०१८)
७. शारदा पत्रिका के सम्पादक (२०२२)
८. कविता महोत्सब के संस्थापक (२०२२)
९. राजसभा स्थायी समिति के सदस्य (२०२८)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Karthak, Peter J. (4 June 2006). "Henrik Ibsen, Siddhi Charan and Chitta Dhar". The Kathmandu Post. मूल से 10 April 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 7 March 2013.
  2. Lienhard, Siegfried (1992). Songs of Nepal: An Anthology of Nevar Folksongs and Hymns. New Delhi: Motilal Banarsidas. ISBN 81-208-0963-7. Page 4.
  3. नेपाली कविता र आख्यान- मोहनराज शर्मा र खगेन्द्रप्रसाद लुइँटेल

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें