सिराँको का प्रवाह

यह सहारा मरुस्थल में भूमध्य सागर की ओर चलने वाली गर्म हवा हैं। सहारा मरुस्थल से इटली में प्रवाहित होने वाली सिराँको हवा बालू के कणों से युक्त होती हैं, तथा सागर से नमी धारण करने के बाद जब इटली में वर्षा करती हैं तो इन बालू के कणों के कारण वर्षा की बूंदे लाल हो जाती हैं। इस प्रकार की वर्षा को इटली में रक्त की वर्षा कहतें हैं। जब यह इटली से गुजरती है तब इसे इटली में "खमसिंन" कहा जाता है।और ट्यूनेशिया से जब गुजरती है तो इसे गिबली कही जाती है। इटली तथा ट्यूनेशिया में तापमान ज्यादा होता सिररोको पवने क। सिरोको पवने गर्म पवने होती है। इटली में जब यह बारिश करती है तो वहाँ अंगूर की खेती को नष्ट कर देती है ।