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जब मैग्मा भू पृष्ठ के समानांतर परतों में फैलकर जमता है,तो उसे सिल कहते हैं|इसकी मोटाई एक मीटर से लेकर सैकड़ों मीटर तक होती है|छत्तीसगढ़ तथा झारखंड में सिल पाए जाते हैं|एक मीटर से कम मोटाई वाले सिल को शीट कहते हैं|