सुजाता मनोहर

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य

न्यायमूर्ति सुजाता वसंत मनोहर (जन्म: 28 अगस्त 1934) सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (भारत) की सदस्य रह चुकी है।

न्यायमूर्ति सुजाता वसंत मनोहर

पद बहाल
8 नवंबर 1994 – 27 अगस्त 1999

केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
पद बहाल
21 अप्रैल 1994 – 07 नवंबर 1994

बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
पद बहाल
15 जनवरी 1994 – 20 अप्रैल 1994

बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
पद बहाल
23 जनवरी 1978 – 14 अप्रैल 1994

जन्म 28 अगस्त 1934 (1934-08-28) (आयु 87)
बॉम्बे, भारत
राष्ट्रीयता  भारत
शैक्षिक सम्बद्धता लेडी मार्गरेट हॉल, ऑक्सफोर्ड
जालस्थल Supreme Court of India

28 अगस्त 1934 में जन्मी सुजाता मनोहर एक मजबूत कानूनी पृष्ठभूमि वाले परिवार में पैदा हुईं। उनके पिता गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में हुई। तत्पश्चात एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई से स्नातक करने के बाद लेडी मार्गरेट हॉल, ऑक्सफोर्ड, ब्रिटेन चली गईं जहां उन्होने दर्शन शास्त्र, राजनीति शस्त्र और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। 14 फ़रवरी 1958 को उन्होने अधिवक्ता की पढ़ाई हेतु दाखिला लिया। 1970-71 के दौरान उन्हें सहायक सरकारी अधिवक्ता, सिटी सिविल कोर्ट, बॉम्बे में नियुक्त किया गया। 23 जनवरी 1978 से वे मुंबई उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 28 नवम्बर 1978 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। 15 जनवरी 1994 में वे मुंबई उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश बनीं। 21 अप्रैल 1994 में उन्हें केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया। 8 नवम्बर 1994 को वे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं और 27 अगस्त 1999 को इस पद से सेवानिवृत हुई।[1][2]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Oxford University Commonwealth Law Journal - Board of Patrons". मूल से 6 फ़रवरी 2005 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2013-11-27.
  2. "Principles of Natural Justice, Justice Smt. Sujata V. Manohar, Supreme Court of India (Retd.)". मूल से 11 जून 2008 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 नवंबर 2013.