सुजीवनिकी (Euthenics) या सुजीवन विज्ञान निवास और अन्य मानवीय वातावरणों में बदलाव कर के मानव जीवन के स्तर को सुधारने के अध्ययन को कहते हैं। इसमें अपने वातावरण के मनुष्यों पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण और समीक्षा की जाती है।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Ward, Lester F. (1913). Eugenics, Euthenics, and Eudemics. Chicago: American Journal of Sociology. pp. 737–754.