सुषम बेदी (१९४५ - २०२०) फिरोजपुर जिला, पंजाब में जन्मी हैं। वह न्यू यार्क में रहती हैं और कोलंबिया विश्वविद्यालय में हिन्दी पढ़ाती हैं। वह कहानी और उपन्यास लिखती हैं। उनका निधन 25 मार्च 2020 को हो गया।[1]

प्रमुख कृतियाँसंपादित करें

उपन्याससंपादित करें

  • हवन(१९८९)
  • लौटना
  • नव भूम की रसकथा (2002)
  • गाथा अमरबेल की (1999)
  • इतर
  • मैंने नाता तोड़ा (2009)
  • मोर्चे (२००६)
  • पानी केरा बुदबुदा (२०१७)
  • कतरा-दर-कतरा

कहानी संग्रहसंपादित करें

  • चिड़िया और चील (1995)
  • यादगारी कहानियां २०१४
  • तीसरी आंख (२०१६)
  • सडक की लय (२०१७)

शोधग्रंथसंपादित करें

  • हिंदी नाट्य प्रयोग के संदर्भ में

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "यादेंः सुषम बेदी, प्रवासी नारियों की संवेदना अब कौन उकेरेगा". आज तक. अभिगमन तिथि 27 मार्च 2020.