सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र

सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र जैन धर्म का एक ग्रन्थ है। श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय इसकी शिक्षाओं का अनुसरण करता है। इसको सूर्य पन्नति भी कहते हैं। वस्तुतः यह उपांग आगम है।

कागज पर सूर्य प्रज्ञप्तिसूत्र (१५०० ई, पश्चिमी भारत)

यह ग्रन्थ सूर्य एवं ग्रहों के बारे में है। इसमें इन सबका वृहद वर्णन है। सूर्य एवं ग्रहों की गति एवं स्थिति की गणना के लिये आवश्यक गणित का इसमें विस्तार से वर्णन है।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें