स्टर्लिंग क़िला, स्टर्लिंग में स्थित स्कॉटलैंड के सबसे महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक इमारतों में से है। क़िला स्टर्लिंग सिल नामक भौगोलिक संरचना के हिस्से कैसल हिल यानी पहाडी किले के उपर स्थित है। इसके तीन तरफ खडी चट्टानें व खाईयाँ हैं जो इसे बेहद मजबूत सुरक्षा प्रदान करती हैं। इसकी सामरिक स्थिति जिसकी सुरक्षा १८९० तक फोर्थ नदी के नीचे की ओर बहने वाले तेज बहाव करते थे ने इसे १२वीं सदी से ही एक महत्वपूर्ण किलेनुमा शाही महल बना रखा था। इस क़िले की अधिकांश महत्वपूर्ण भवन १५वीं व १६वीं शताब्दी में निर्मित हैं। चौदहवीं शताब्दी के भी कुछ भवन बचे हैं जबकि नगर की दिशा वाले बाहरी दीवारें अट्ठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध की हैं। १५४२ में मैरी सहित स्कॉटलैंड के तमाम शासकों का यहाँ राज्याभिषेक हुआ।स्टर्लिंग क़िले को कम से कम ८ बार आक्रमण करके कब्जाया गया जिनमें से अधिकतर स्कॉटिश स्वतंत्रता संग्राम के समय हुए। अंतिम बार इसपर १७४६ में आक्रमण हुआ जब चार्ल्स एडवर्ड स्टुअर्ट ने इस पर कब्ज़ा करने का असफल प्रयास किया। स्टर्लिंग क़िला अब एक ऐतिहासिक धरोहर है और ऐतिहासिक स्कॉटलैंड नामक सरकारी संस्था द्वारा प्रबंधित पर्यटन स्थल है।

स्टर्लिंग क़िला
स्टर्लिंग, स्कॉटलैंड
स्टर्लिंग किला, पहाडी के नीचे से
स्टर्लिंग क़िला is located in स्कॉटलैंड
स्टर्लिंग क़िला
स्टर्लिंग क़िला
स्टर्लिंग काउन्सिल क्षेत्र में स्थिति
निर्देशांकग्रिड संदर्भ NS789940
56°7′26″N 3°56′56″W / 56.12389°N 3.94889°W / 56.12389; -3.94889निर्देशांक: 56°7′26″N 3°56′56″W / 56.12389°N 3.94889°W / 56.12389; -3.94889
स्थल जानकारी
स्वामित्वऐतिहासिक स्कॉटलैंड
जनप्रवेशहाँ
स्थल इतिहास
निर्मितवास्तविक निर्माण १२वीं शताब्दी में, वर्तमान भवन १४९० से १६०० के बीच में निर्मित हुए।
निर्मातामुख्यत: जेम्स ४, जेम्स ५ और जेम्स ६
प्रयोगाधीनआज भी इस्तेमाल में है।
युद्ध/संग्राम२९६ से १३५७ के मध्य स्कॉटिश स्वाधीनता संग्राम के दौरान स्टर्लिंग किले पर हुए आक्रमण (1296–1357); १६५१, १७४६
दुर्गरक्षक जानकारी
वर्तमान
अध्यक्ष
जेम्स अर्स्काइन, मार का चौदहवाँ अर्ल
पूर्व
अध्यक्ष
मार के अर्ल

शुरुवाती इतिहास

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यह क़िला स्टर्लिंग सिल नामक भौगोलिक संरचना के हिस्से कैसल हिल यानी पहाड़ी किले के उपर स्थित है। स्टर्लिंग सिल क़्वार्ट्ज़-डोलराइट से बनी हुई साढे तीन करोण वर्ष पुरानी भौगोलिक संरचना है जो हिमाच्छादन की वजह से एक शृंग पुच्छ बन गई है। [1] संभवत: यह प्राकृतिक जगह बहुत वर्षों पहले ही एक पहाडी क़िले के रूप में लोगों द्वारा बसाई जा चुकी थी।[2] रोमनों ने स्टर्लिंग को छोड कर डोउन में क़िला बनाया जबकि इन पहाडियों पर संभवत: मैटे प्रजाति के लोगों ने कब्ज़ा कर लिया था। [3] बाद में यह मानाव गोडोड्डिन का आवास रहा होगा और शोधों के मुताबिक सातवीं व आठवीं सदी में इयुदिउ नामक नगर था जहाँ मर्सिया के राजा पेंडा ने ६५५ ई. में बर्निसिया के राजा ओस्वियु को बंदी बनाया था।[3] यह क्षेत्र पिक्टों के नियंत्रण में तब आया जब उन्होंने ३० वर्षों बाद नॉर्थम्ब्रियनों को डन नेक्टैन के युद्ध में हरा दिया। हालाँकि क़िले पर मध्य युग से पहले के आक्रमणों के कोई पुरातात्त्विक सबूत नहीं बचे हैं।[4]

कविता कहानियों में स्टर्लिंग को स्नोडुन के नाम से भी जाना जाता है।[5] सोलहवीं शताब्दी का इतिहासकार हेक्टर बोएस की पुस्तक हिस्टोरिया जेन्टिस स्कॉटोरम के अनुसार रोमनों ने राजा जुलियस एग्रीकोला के नेतृत्व में[6] इस क़िले का निर्माण किया था और स्कॉटलैंड के पहले राजा केनेथ मैकाल्पिन ने इसे नवीं शताब्दी में पिक्टिश साम्राज्य के अधिग्रहण के वक्त हथिया लिया था।[3] हालाँकि बोएस को अविष्वसनीय इतिहासकार माना जाता है। [6] एक और कथावाचक विलियम वॉरसेस्टर ने स्टर्लिंग को महान राजा आर्थर के साम्राह्य का हिस्सा बताया है। परंपरा मुताबिक सेंट मोनेना ने यहाँ और एडिनबर्ग के किले में प्रार्थनाघर बनवाया था। [7] हालाँकि अब यह माना जाता है कि मोनेना की कहानी बाद के ईसाई संतों संत मोड्वेना और मोनिने के बीच भ्रम का नतीजा है।[8]

स्टर्लिंग किले के बारे में पहली जानकारी १११० में मिलती है जब राजा एलेक्ज़ेंडर १ ने यहाँ एक प्रार्थनाघर बनवाया। [9] सम्भ्वत: यहाँ अब तक शाही केंद्र का निर्माण हो चुका था। क्योंकि एलेक्ज़ेंडर की यहाँ ११२४ में मृत्यु हुई थी। उसके उत्तराधिकारी राजा डेविड १, स्कॉटलैंड का राजा के शासनकाल में स्टर्लिंग एक शाही नगर व राजधानी और क़िला एक मह्त्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र बन गया।[9] राजा विलियम I ने यहाँ क़िले के दक्षिण में एक मध्ययुगीन अभयारण्य बनवाया। लेकिन ११७४ में अंग्रेज सेनाओं से हारने के बाद उसे स्टर्लिंग समेत अपने कई क़िले अंग्रेजों को देने पडे। इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि अंग्रेज कभी इस क़िले में रहे और रिचर्ड ३ ने इसे ११८९ में आधिकारिक तौर पर स्कॉटों को लौटा दिया था। स्टर्लिंग का यह क़िला स्कॉटों का पसंदीदा निवास स्थान बना रहा। १२१४ में यहाँ विलियम की मृत्यु हुई और १२६० में एलेक्ज़ेडर ३ ने पास ही में हिरणों के शिकार के लिये एक नया अभ्यारणय बनवाया।[10][11]

शुरुवाती स्टीवर्ट्स

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क़िले का उत्तरी द्वार, नीचे बायीं तरफ़ लगभग १३८० ई. के आसपास का क़िले का संभवत: प्राचीनतम हिस्सा।

शुरुवाती स्टीवर्ट शासकों रॉबर्ट २ (शासनकाल 1371–1390) और रॉबर्ट ३ (शासनकाल 1390–1406) के राज के दौरान किले के अभी भी बचे हुए प्राचीनतम भागों का निर्माण हुआ था। रॉबर्ट स्टीवर्ट, जो की रॉबर्ट ३ का भाई और स्कॉटलैंड का कार्यकारी शासक था ने उत्तरी व दक्षिणी द्वारों पर कार्य करवाया। वर्तमान उत्तरी द्वार १३८० में बनी इन नीवों पर ही बना हुआ है जो कि किले के बचे हुए प्राचीनतम हिस्सों में से एक है।[12] 1424 में स्टर्लिंग क़िला जेम्स १ ने अपनी पत्नी जोन बेउफोर्ट को विवाह में उपहार स्वरूप दिया था। आने वाले शासकों ने भी इसे उपहार में देने की इस परंपरा को जारी रखा। [13] 1437 में जेम्स की हत्या के बाद जोन ने अपने बेटे राजकुमार जेम्स २ के साथ यहाँ शरण ली थी। पंद्रह वर्षों पश्चात 1452 में इसी किले में जेम्स ने डगलस के अर्ल की चाकू मार के हत्या कर दी थी जब उसने रॉस के अर्ल, इस्ले के जॉन और क्रॉफ़ोर्ड के चौथे अर्ल अलेक्ज़ेंडर लिंडसे के साथ राजद्रोही गठबंधन तोड़ने से इंकार कर दिया था। जेम्स ३ (शासनकाल 1460–1488) का यहाँ जन्म हुआ जिसने बाद में क़िले के बगीचों व शाही प्रार्थनाघर का निर्माण करवाया। 1475 में क़िले में तोपखाने के निर्माण की बात दर्ज़ की गई है।[14] जेम्स की पत्नी मार्गरेट की 1486 में इसी क़िले में मृत्यु हुई और दो वर्ष बाद क़िले के दक्षिण में सौकिबर्न के युद्ध में लड़ते हुए मृत्यु हो गई थी।

पुनर्जागरण काल का क़िला

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क़िले में मौजूद लगभग सभी भवन १४९० से १६०० के मध्य बनवाए गये थे जब स्टर्लिंग स्टीवर्ट राजघराने का प्रमुख शासकीय केंद्र हुआ करता था। इन भवनों की स्थाप्त्य कला में अंग्रेजी, जर्मन व फ्रांसीसी वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट दिखाई पड़ता है जो स्टीवर्ट राजवंश के अंतरार्ष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं का प्रमाण देता है।[15]

 
१६९३ में जॉन स्लेज़र द्वारा चित्रित पुनर्जागरण काल के दौरान का क़िला।

इन्हें भी देखें

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स्कॉटिश शासकों की सूची

  1. Fawcett, p.14
  2. Fawcett, p.15
  3. Fawcett, p.16
  4. Gifford & Walker, p.42–43
  5. स्टर्लिंग को विलियम वॉरसेस्टर ने पंद्रहवीं शताब्दी में "Snowdoun" भी कहा है और बाद में डेविड लिंडसे और वाल्टर स्कॉट की कविताओं में भी इसका उल्लेख मिलता है।See स्कॉट, वाल्टर (1825). The Lady of the Lake (14वाँ संस्करण). आर्किबाल्ड कॉन्स्टेबल & कं०. पपृ॰ 292 & 438. नामालूम प्राचल |= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  6. Stair-Kerr, p.2–3
  7. Stair-Kerr, p.4
  8. फार्मर, डेविड हुघ. "मॉडवेना". ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ऑफ संत्स. मूल से 24 सितंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 16 फरवरी 2009.
  9. Fawcett, p.17
  10. Fawcett, p.18
  11. स्टेयर-केर्र, पृ.16
  12. Fawcett, p.25
  13. Fawcett, p.26
  14. Fawcett, p.29
  15. 1540 के क़िले पर विस्तार से अनुसंधान "Historic Scotland / Kirkdale Archaeology". मूल से 24 सितंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 सितंबर 2015.

संदर्भ ग्रंथ

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बाह्य कडियाँ

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