गति की निवृत्ति ही स्थान है। स्थान का तात्पर्य उस स्थिरता से है जहाँ ऊर्जा भिन्न भिन्न रूपों में रहते हुए भी शिथिल रहती है। स्थान का अर्थान्तर देश भी है। जहाँ स्थिरता है वही स्थान है।