सन १९३२ में स्याम में एक रक्तहीन सत्तापलट हुआ जिसे स्याम की क्रान्ति (थाई भाषा: การปฏิวัติสยาม พ.ศ 2475 या การเปลี่ยนแปลงการปกครองสยาม พ.ศ. 2475) कहते हैं। २०वीं शताब्दी के थाइलैण्ड के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह क्रान्ति लगभग बिना किसी रक्तपात के २४ जून १९३२ को सम्पन्न हुई थी। इसके फलस्वरूप थाईलैण्ड की शासनव्यवस्था पूर्ण राजतंत्र से संवैधानिक राजतंत्र में परिवर्तित हो गयी। यह क्रान्ति अपेक्षाकृत एक छोटे से सैनिक और असैनिक समूह के द्वारा की गयी थी जिन्होने 'खन रत्सादों ' (अर्थ : लोक दल) नाम से स्याम की प्रथम राजनीतिक दल बनाया।