जब कोई विद्यार्थी बिना किसी विद्यालय तथा बिना किसी शिक्षक के द्वारा पढ़ाई करता है तथा स्वयंपाठी का फार्म भर कर पढ़ाई करता है तो उन्हें स्वयंपाठी कहा जाता है।

लाभसंपादित करें

  • इससे समय की बचत होती है।
  • स्वयंपाठी बनने से पैसों की भी बचत होती है।

प्रसिद्ध स्वयंपाठीसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें