हलधर नाग

इतना ही नहीं 5 शोधार्थी अब उनके साहित्य पर PHd कर रहे हैं जबकि स्वयं हलधर तीसरी कक्षा तक पढे है ।

हलधर नाग ओड़ीसा के कोसली भाषा के कवि एवम लेखक हैं। वे 'लोककवि रत्न' के नाम से प्रसिद्ध हैं। भारत सरकार द्वारा उन्हें २०१६ में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

हलधर नाग
The President, Shri Pranab Mukherjee presenting the Padma Shri Award to Shri Haladhar Nag, at a Civil Investiture Ceremony, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on March 28, 2016.jpg
हलधर नाग
जन्म31 मार्च 1950 (1950-03-31) (आयु 70)
घेन्स,, बारगढ़्, ओड़ीसा, भारत
व्यवसायकवि, सामाजिक कार्यकर्ता
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षाclass 3 pass
उल्लेखनीय सम्मानपद्मश्री[1]
जीवनसाथीमालती नाग
सन्तान1 पुत्री

प्रमुख कृतियाँसंपादित करें

  • लोकगीत[2]
  • सम्पर्द[2]
  • कृष्णगुरु[2]
  • महासती उर्मिला[2]
  • तारा मन्दोदरी[2]
  • अछिया[2]
  • बछर[2]
  • शिरी समलाइ[2]
  • बीर सुरेन्द्र साइ[2]
  • करमसानी[2]
  • रसिया कवि (biography of Tulasidas)[2]
  • प्रेम पाइछन[2]
  • राति
  • चएत् र सकाल् आएला
  • शबरी
  • माँ
  • सतिआबिहा
  • लक्ष्मीपुराण
  • सन्त कबि भीमभोइ
  • ऋषि कबि गंगाधर
  • भाव
  • सुरुत
  • हलधर ग्रन्थावली -१ (फ्रेण्डस पब्लिसरस, कटक)
  • हलधर ग्रन्थावली -२ (सम्बलपुर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित होइ, पाठ्यक्रमर में सम्मिलित)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. PrameyaNews7. "Odisha's Nila Madhab Panda and Kosli poet Haldhar Nag chosen for Padma Shri Award". Prameya News7. मूल से 30 जनवरी 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 January 2016.
  2. Sudeep Kumar Guru (25 September 2010). "Poetry makes him known as new Gangadhar Meher". The Telegraph (India). Ananda Publishers. मूल से 24 नवंबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 November 2010.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें