हलायुध ने शुक्लयजुर्वेद की काण्वसंहिता पर भाष्य लिखा था। उस भाष्य का नाम 'ब्राह्मणसर्वस्वम्' था। सायण के परवर्ती अनन्ताचार्य और आनन्दबोध इत्यादि बहुत विद्वानों ने काण्वसंहिता पर भाष्य लिखे। परन्तु सायणाचार्य के पूर्ववर्त्तिओं में से हलायुध ने ही शुक्लयजुर्वेद की काण्वसंहिता पर अपना भाष्य लिखा।

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