हाइग्रोस्कोपी किसी पदार्थ की अपने चारों ओर के वातावरण से जल के अणुओं को आकर्षित करने की क्षमता है। यह क्रिया या तो अवशोषण द्वारा या अधिशोषण द्वारा होती है।

हाइग्रोस्कोपिक पदार्थों में शक्कर, शहद, ग्लिसरॉल, इथेनॉल, मेथेनॉल, सल्फ्यूरिक अम्ल, आयोडीन, अनेक क्लोराइड तथा हाइड्रॉक्साइड, लवण आदि हैं।

जिंक क्लोराइड, कैल्सियम क्लोराइड तथा पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड और अनेक विभिन्न लवण इतने हाइड्रोस्कोपिक होते हैं कि वे खुद के द्वारा अवशोषित किए गये जल में घुल भी जाते हैं। इस गुण को डिलिक्विसेंस कहते हैं। सल्फ्यूरिक अम्ल न केवल उच्च सान्द्रता पर हाइग्रोस्कोपिक होता है बल्कि इसका विलयन 10 Vol-% या इससे कम सांद्रता पर भी हाइग्रोस्कोपिक होता है।