मुख्य मेनू खोलें
भारत-पाकिस्तान-अफ़्ग़ानिस्तान में लोकप्रीय हस्त-चालित शैली का एक हारमोनियम

हारमोनियम (Harmonium) एक संगीत वाद्य यंत्र है जिसमें वायु प्रवाह किया जाता है और भिन्न चपटी स्वर पटलों को दबाने से अलग-अलग सुर की ध्वनियाँ निकलती हैं। इसमें हवा का बहाव पैरों, घुटनों या हाथों के ज़रिये किया जाता है, हालाँकि भारतीय उपमहाद्वीप में इस्तेमाल होने वाले हरमोनियमों में हाथों का प्रयोग ही ज़्यादा होता है। हारमोनियम का आविष्कार यूरोप में किया गया था और १९वीं सदी के बीच में इसे कुछ फ़्रांसिसी लोग भारत-पाकिस्तान क्षेत्र में लाए जहाँ यह सीखने की आसानी और भारतीय संगीत के लिए अनुकूल होने की वजह से जड़ पकड़ गया। हारमोनियम मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं। ये विभाजन संभवता उनके निर्माण स्थान अथवा निर्माण में पर्युक्त सामिग्री की गुणवत्ता के आधार पर होता है। इसके प्रकार है - १.ब्रिटिश २.जर्मन ३.खरज। अपने निर्माण की शैली या स्थान के अनुसार इनके स्वरों की मिठास में अंतर होता है जिसे योग्य संगीतज्ञ ही पहचान सकता है।

हारमोनियम भारतीय शास्त्रीय संगीत का अभिन्न हिस्सा है। हारमोनियम को सरल शब्दों में "पेटी बाजा" भी कहा जाता है।

अनुक्रम

आकारसंपादित करें

आकार में हारमोनियम एक बक्से की तरह होता है। इसमें कीबोर्ड की तरह ही दबाने के लिए कीज़ होते हैं और दिखने में यह बिलकुल वैसा ही लगता है। यह केवल हवा के दबाव वाले प्रणाली पर काम करता है। वादक इसके फ्लैप को आगे-पीछे करके हवा भरते हैं और कीज़ दबाने पर उपयुक्त स्वर निकलता है।

संगीत में उपयोगसंपादित करें

हारमोनियम का उपयोग शास्त्रीय, सुगम, भजन, फ़िल्मी, इत्यादि में लाया जाता है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें