हिब्रू भाषा के पुनरुद्धार से आशय १९वीं शताब्दी के अन्त तथा २०वीं शताब्दी में हिब्रू भाषा के प्रयोग में हुए क्रांतिकारी परिवर्तन से है। इससे पहले हिब्रू भाषा यूरोप तथा फिलीस्तीन में केवल यहूदियों की पवित्र भाषा के रूप में प्रयुक्त होती थी किन्तु सुयोजित प्रयासों के कारण शीघ्र ही दैनिक जीवन में प्रयुक्त लिखित भाषा एव बोलचाल की भाषा बन गयी।

हिब्रू का पहला विद्यालय