हिस्पर हिमनद हिमालय पर्वत तंत्र के काराकोरम श्रेणी में स्थित 61 कि॰मी॰ लम्बा हिमनद है। वर्तमान में यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का हिस्सा है और लद्दाख के बालिस्तान क्षेत्र में आता है। वस्तुतः ये इलाका एक शीत मरुस्थल है। इसके सहायक के रूप में उत्तरी ढालों से उतरने वाले घाटी हिमनद हारामोश मैसिफ से आते हैं और दक्षिणी ढालों से उतरने वाले कान्जुत सर मैसिफ से।[1] यह बियाफो हिमनद से हिस्पर ला दर्रे के समीप ५,१२८ मी॰ की ऊँचाई पर मिलता है और दोनों संयुक्त रूप से विश्व का सबसे बड़ा (गैर-ध्रुवीय) हिमनद तंत्र बनाते हैं। यह हिमनद दो प्राचीन पर्वतीय राज्यों नागर और बालिस्तान को जोड़ता है। हिस्पर हिमनद के अगल-बगल पर्वतीय ढालों की तीव्रता और इसके पार्श्व मोरेनों के गोलाश्मों की प्रकृति ऐसी है जो यहाँ ट्रेकिंग को ख़ासा मुश्किल बनाती है। इसके चार सहायक हिमनदों को पार करना सबसे मुश्किल और खतरनाक काम होता है।[2]

हिस्पर नदी जो हुंजा नदी की सहायक है इसी हिमनद के पिघलने से उत्पन्न जल से निकलती है। हिस्पर तक लद्दाख के स्कार्डू से होकर पहुँचा जा सकता है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. एस॰ एस॰ नेगी Himalayan Rivers, Lakes, and Glaciers Archived 14 जुलाई 2014 at the वेबैक मशीन.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 16 मार्च 2006 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 जून 2014.