होलिका हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप नामक राजा की बहन और प्रह्लाद नामक विष्णु भक्त की बुआ थी।[1] जिसका जन्म जनपद- कासगंज के सोरों शूकरक्षेत्र नामक स्थान पर हुआ था।

होलिका दहन
(होली की पूर्व संध्या)
Holika Dahan 2020.jpg
होलिका दहन
प्रकार धार्मिक, सांस्कृतिक, वसंत त्योहार
उत्सव अलाव, नाच, गाना व अगले दिन होली
तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार
2019 date बुधवार, 20 मार्च
2020 date सोमवार, 9 मार्च
आवृत्ति वार्षिक

कहानीसंपादित करें

होलिका हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप नामक योद्धा की बहन और प्रह्लाद नामक विष्णु भक्त की बुआ थी। जिसका जन्म जनपद- कासगंज के सोरों शूकरक्षेत्र नामक पवित्र स्थान पर हुआ था। उसको यह वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जलेगी। इस वरदान का लाभ उठाने के लिए विष्णु-विरोधी हिरण्यकश्यप ने उसे आज्ञा दी कि वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में प्रवेश कर जाए, जिससे प्रह्लाद की मृत्यु हो जाए। होलिका ने प्रह्लाद को लेकर अग्नि में प्रवेश किया। ईश्वर कृपा से प्रह्लाद बच गया और होलिका जल गई। होलिका के अंत की खुशी में होली का उत्सव मनाया जाता है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. The Hindu, Opinion. "होली की फोटो वॉलपेपर".