२०१० हाइती भूकम्प कैरीबियाई देश हाइती में मंगलवार १२ जनवरी, २०१० (भारत में तिथि १३ जनवरी, २०१०) को आया जबर्दस्त भूकम्प था। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता ७.३ आंकी गई थी। इस शक्तिशाली भूकम्प में हज़ारों लोग मारे गए। भूकम्प से राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के कई भवन ध्वस्त हो गए और कई स्थानीय निवासी उसके नीचे दब गए। आंकड़ों के अनुसार पिछले २०० वर्षों में हाइती में यह सबसे शक्तिशाली भूकम्प था।

२०१० हाइती भूकम्प
क्षतिग्रस्त नेशनल पैलेस (ऊपर),
भूकम्प का केन्द्र (नीचे)
तिथि 21:53:09, 12 जनवरी 2010 (UTC) (2010-01-12T21:53:09Z) (स्थानीय समय)
तीव्रता ७.० Mw
गहराई 6.2 मील (10.0 कि॰मी॰)
भूकम्प केन्द्र 18°27′05″N 72°26′43″W / 18.4514°N 72.4452°W / 18.4514; -72.4452निर्देशांक: 18°27′05″N 72°26′43″W / 18.4514°N 72.4452°W / 18.4514; -72.4452
प्रभावित देश/
क्षेत्र
हाइती
डोमिनिकन गणराज्य
क्यूबा
जमैका
वेनेज़ुएला
अधिकतम तीव्रता MM X[1]
सूनामी कोई नहीं
पश्चात्वर्ती झटके ४२[2]
हताहत दफन लोगों की पुष्टि - ७०,०००
(हाइती सरकार)[3]
अनुमानित मृतक - २ लाख
(हाइती सरकार)[4]

संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के अनुसार इस भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर ७ मापी गई है।[5] इस भूकम्प का केन्द्र राजधानी से मात्र १६ किलोमीटर दूर तथा धरती से केवल १० किलोमीटर नीचे था। इस भीषण भूकम्प से भारी संख्या में भवन ढह गए जिससे कई लाख लोग मारे गए। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि भूकम्प स्थानीय समयानुसार लगभग ४ बज कर ५३ मिनट पर आया। भूकम्प के शक्तिशाली झटकों के बाद ५.९, ५.५ और ५.१ तीव्रता के तीन और पश्चातवर्ती झटके महसूस किए गए। इन शक्तिशाली झटकों के कारण हाइती में संचार व्यवस्था बाधित हो गई। मलबे के कारण सड़कों पर आवागमन रूक गया।[6]

इस जबर्दस्त भूकम्प के बाद पूरी दुनिया से राहत और बचात सामग्री पहुँचना आरम्भ हो गया। भारत सरकार द्वारा भी हाइती में भूकम्प हताहतों की सहायता के लिए ५० लाख डॉलर (लगभग २५ करोड़ रुपये) की सहायता दी गई।[7]

कारणसंपादित करें

वैसे कैरीबियाई जोन में भूकम्प अधिक नहीं आते हैं, फिर भी यहां आए भूकम्प का कारण स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट है।[8] इसमें पृथ्वी के क्रस्ट के दो बड़े खण्ड आपस में एक दूसरे को आगे-पीछे धकेलते हैं। इस कारण कई बार फिसलने के कारण पृथ्वी का कोई एक क्रस्ट ऊपर की ओर हो जाता है।

 
यूएसजीएस तीव्रता मानचित्र

भूकम्प तब आता है जब धरती की जटिल परतें, जो एक दूसरे के साथ सटी होती हैं, धीमे-धीमे हिलती हैं। हाइती के भूकम्प वाली स्थिति में कैरीबियाई और उत्तरी अमेरिकी प्लेटें एक दूसरे को पूर्व-पश्चिम दिशा में खिसकाती हैं। यह स्ट्राइक स्लिप बाउण्ड्री के नाम से जाना जाता है। बाउण्ड्री के आस-पास के बिन्दुओं पर दबाव बनता है। साथ ही तनाव क्रस्ट के कुछ भागों पर भी बनता है। अन्तत: यह दबाव एकदम से कम होता है। तेजी से होने वाली हलचल के कारण घर्षण पैदा होता है जिसके कारण भूकम्प आते हैं। जिस फॉल्ट सिस्टम के कारण कम्पन होता है उसे एनरीक्यूलो-प्लेनेटियन गार्डन फॉल्ट सिस्टम कहा जाता है। सामान्यत: बड़े भूकम्प कैरीबियाई क्षेत्र में नहीं आते हैं क्योंकि यहां की प्लेट छोटी होती है और फॉल्ट सिस्टम बड़ा नहीं होता। कैरीबियन और उत्तरी अमेरिका की टैक्टोनिक प्लेट में लगातार हो रही हलचल के कारण हाइती में भूकम्प आया।

तीव्रतासंपादित करें

भूकम्प की तीव्रता का अनुमान उसके केंद्र से दूर उससे आहत हुए लोगों पर पड़े प्रभाव से लगाया जाता है। हाइती में आए भूकम्प में यह पोर्ट ऑ प्रिंस के उत्तर-पश्चिम से दस मील (१५ कि॰मी॰) था और पृथ्वी की सतह से सवा छः मील (लगभग १० किलोमीटर) था। हाइती में इस भूकम्प की गहराई उथली थी यानी भूकम्प में जो ऊर्जा बाहर निकली वह सतह के बहुत निकट थी जिसने क्षति बहुत बढ़ा दी। वहीं जो भूकम्प गहरे होते हैं वह धरती को अधिक नहीं हिलाते। इसके साथ-२ हाइती की खस्ताहाली ने आग में घी का काम किया। यहां के भवन मानकों के अनुरूप नहीं है और यहां जनसंख्या घनत्व अधिक है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "अर्थकुएक.यूएसजीएस.गोव". मूल से 15 जनवरी 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 जनवरी 2010.
  2. भूकम्प सूची Archived 15 जनवरी 2010 at the वेबैक मशीन. संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण। अभिगमित १४ जनवरी २०१०
  3. मैरीनों के हाइती पहुँचने के साथ-साथ अपातकाल घोषित Archived 21 जनवरी 2010 at the वेबैक मशीन. एबीसी समाचार ऑनलाइन (एबीसी समाचार ऑस्ट्रेलिया) अभिगमन: १८ जनवरी २०१०
  4. हाइती में मृतकों की संख्या २ लाख तक पहुँच सकती है - मन्त्री Archived 19 जनवरी 2010 at the वेबैक मशीन. (रायटर्स समाचार)
  5. दैनिक भास्कर हाइती में भूकम्प, हजारों दबे Archived 17 जनवरी 2010 at the वेबैक मशीन.। दैनिक भास्कर। १३ जनवरी २०१०
  6. हाइती में शक्तिशाली भूकम्प, हजारों के मरने की आशंका Archived 16 जनवरी 2010 at the वेबैक मशीन.। नवभारत टाइम्स। १३ जनवरी २०१०
  7. "भारत हाइती को ५० लाख डॉलर की सहायता देगा". मूल से 18 जनवरी 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 जनवरी 2010.
  8. क्यों हिला हाइती Archived 17 फ़रवरी 2010 at the वेबैक मशीन.। हिन्दुस्तान लाइव

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें