४३३ इरोस

क्षुद्रग्रह

४३३ इरोस (433 Eros) एक पत्थरीला पृथ्वी-समीप क्षुद्रग्रह है। क्षुद्रग्रह वर्णक्रम श्रेणियों में यह एक S-श्रेणी क्षुद्रग्रह है, यानि पत्थरीला और सिलिका-युक्त। इसका आकार ३४.४×११.२×११.२ कि॰मी॰ है और १०३६ गैनिमीड (1036 Ganymed) के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा पृथ्वी-समीप क्षुद्रग्रह है। इसकी खोज सन् १८९८ में हुई थी और मानवीय अंतरिक्ष यान द्वारा परिक्रमित होने वाला यह पहला क्षुद्रग्रह था। नियर शूमेकर नामक अमेरिकी यान पहले १९९८ में इसके पास से गुज़रा और फिर २००० में इसी यान ने ४३३ इरोस के इर्द-गिर्द कक्षा (ओरबिट) में प्रवेश किया। वैज्ञानिक​ इसकी नज़दीकी से छानबीन कर रहें हैं क्योंकि सम्भव है कि यह दूर-भविष्य में पृथ्वी से टकराये। आकार में यह उस क्षुद्रग्रह से तुलनात्मक है जिसके आज से ६.६ करोड़ साल पहले के प्रहार से हुए बदलावों के कारण डायनासोर विलुप्त हो गये।[1]

नियर शूमेकर यान द्वारा खींची गई ४३३ इरोस की तस्वीरें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Michel, P.; Farinella, P.; Froeschlé, Ch. (1996-04-25). "The orbital evolution of the asteroid Eros and implications for collision with the Earth Archived 2015-07-17 at the Wayback Machine". Nature 380 (6576): 689–691. Bibcode:1996Natur.380..689M. doi:10.1038/380689a0. Retrieved 2011-02-12.