पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच इंटरफेस।
जूल्स वेर्ने स्वचालित ट्रांसफर वाहन पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करता है


किसी ब्रह्माण्डीय पिण्ड, जैसे पृथ्वी, से दूर जो शून्य (void) होता है उसे अंतरिक्ष (Outer space) कहते हैं।सन्दर्भ त्रुटि: <ref> टैग के लिए समाप्ति </ref> टैग नहीं मिला[1] इस परिभाषा के अनुसार अंतरिक्ष में धरती के वायुमंडल को भी शामिल कर सकते हैं। लेकिन हिन्दी अर्थ में प्रायः वायुमंडल को शामिल नहीं किया जाता। वास्तव में अंतरिक्ष इतना बड़ा है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते|

खगोल विज्ञान के अनुसार अन्तरिक्ष एक विशाल त्रिवीमिय (3D) क्षेत्र है जो पृथ्वी के वायुमंडल की समाप्ति की सीमा से प्रारंभ होता है । अन्तरिक्ष उस उंचाई से शुरु होता है जिस उंचाई से कोई उपग्रह पृथ्वी के वातावरण मे बिना गिरे उचित समय तक अपनी कक्षा बनाये रख सके।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. या ऋग्वेद ७.३५.५ वाला श्लोक - शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमअंतरिक्षं दृशये नो अस्तु। ... यानि द्युलोक, पृथ्वी और सूर्य चंद्र वाला अंतरिक्ष हमारे दर्शन के लिए अच्छा हो ..

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें


https://www.spacenewshindi.com/2020/07/asteroid-apophis-99942-apophis.html