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यह एक प्रमुख पठार हैं जो तुर्की में पेंटिक एवं टाॅरस श्रेणियों के बीच एजियन तट से आर्मीनिया गांठ तक विस्तृत है। इसे तुर्की का पठार भी कहते हैं। यह कहीं सपाट और कहीं लहरदार है तथा इसकी औसत ऊँचाई 800 मीटर है। इसके बीचो-बीच में ज्वालामुखी निक्षेप के कारण अनेक उभरी आकृतियां निर्मित हो गई हैं। इस पठार के धरातल पर कोरूह, मेजीजीरमेक, कोजीलरिमेक, सकरण्य आदि नदियां बहती हैं। यहाँ पर अनेक खारे तथा मीठे पानी की झीलें हैं जिनमें तुज, बेसहीर, इग्रीडोर,अक्सेहीर प्रमुख हैं। इस प्रदेश में खनिजों के उत्खनन का कार्य बढ़ रहा है।

विश्व के प्रमुख पठार पृथ्वी

अनातोलिया का पठार | अबीसीनिया का पठार | अरब का पठार | अलास्का का पठार | आस्ट्रेलिया का पठार | एशिया माइनर का पठार | चियापास का पठार | तिब्ब्त का पठार | बोलीविया का पठार | ब्राजील का पठार | मंगोलिया का का पठार | मेडागास्कर का पठार | मेसेटा का पठार | यूनान का पठार | मैक्सिको का पठार | दक्षिण अफ्रीका का पठार |

अबीसीनिया का पठार तीन देशों सोमालिया, इथोपिया और जिबूती में अवस्थित है इन तीनों देशों को संयुक्त रूप से हार्न आफ अफ्रीका कहा जाता है।

विश्व के प्रमुख पठार इंडोचीन का पठार- यह दक्षिणी एशिया के पूर्वी प्रायदीप पर इस्थित है।इस भाग पर सालविंन सीकांग मीकांग मीनाम आदि नदियाँ प्रवाहित होती हैं।