अरंगुकाणात्त

तिक्कोडियन की आत्मकथा

अरंगुकाणात्त मलयालम भाषा के विख्यात साहित्यकार टिक्कोडियन (पी. के. नायर) द्वारा रचित एक आत्मकथा है जिसके लिये उन्हें सन् 1995 में मलयालम भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[1]

अरंगुकाणात्त  
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अरंगुकाणात्त
लेखक टिक्कोडियन (पी. के. नायर)
देश भारत
भाषा मलयालम भाषा

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  1. "अकादमी पुरस्कार". साहित्य अकादमी. Archived from the original on 15 सितंबर 2016. Retrieved 11 सितंबर 2016. Check date values in: |accessdate=, |archive-date= (help)