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अरबी रेगिस्तान (अंग्रेज़ी: Arabian Desert; अरबी: الصحراء العربية‎, अस-सहरा अल-अरबीया) पश्चिमी एशिया में स्थित एक विशाल रेगिस्तान है जो दक्षिण में यमन से लेकर उत्तर में फ़ारस की खाड़ी तक और पूर्व में ओमान से लेकर पश्चिम में जोर्डन और इराक़ तक फैला हुआ है। अरबी प्रायद्वीप का अधिकाँश भाग इस रेगिस्तान में आता है और इस मरुस्थल का कुल क्षेत्रफल २३.३ लाख किमी है, यानि पूरे भारत के क्षेत्रफल का लगभग ७०%। इसके बीच में रुब अल-ख़ाली नाम का इलाक़ा है जो विश्व का सबसे विस्तृत रेतीला क्षेत्र है।[1]

अरबी रेगिस्तान (अस-सहरा अल-अरबीया)
रेगिस्तान
Arabian Desert.png
अंतरिक्ष से ली गई अरबी रेगिस्तान की तस्वीर
देश Flag of Jordan.svg जार्डन
Flag of Iraq.svg इराक
Flag of Kuwait.svg कुवैत
Flag of Oman.svg ओमान
Flag of Qatar.svg क़तर
Flag of Saudi Arabia.svg सउदी अरब
Flag of the United Arab Emirates.svg संयुक्त अरब अमीरात
Flag of Yemen.svg यमन
विशेष अल्-नफ़ूद
अल-सबअतैन टीले
अल-वहीबाह टीले
रुब अल-ख़ाली
उच्चतम बिंदु अल-नबी शुएब पहाड़ 12,336 फीट (3,760 मी॰)
 - निर्देशांक 18°16′2″N 42°22′5″E / 18.26722°N 42.36806°E / 18.26722; 42.36806
लंबाई 2,100 कि.मी. (1,305 मील), पूर्व-पश्चिम
चौड़ाई 1,100 कि.मी. (684 मील), उत्तर-दक्षिण
क्षेत्रफल 23,30,000 कि.मी.² (8,99,618 वर्ग मील)
बायोम रेगिस्तान

अरबी रेगिस्तान का वातावरण बहुत कठोर है। दिन में यहाँ अत्यंत गर्मी और सूरज का प्रकोप रहता है और रात में तापमान कभी-कभी शुन्य से भी नीचे गिर जाता है। इस वजह से यहाँ जीव विविधता काफ़ी कम है, हालांकि यहाँ ग़ज़ल और ओरिक्स जैसे हिरण, रेत बिल्ली और कांटेदार दुम वाली गिरगिट जैसे प्राणी रहते हैं। यहाँ कभी धारीदार लकड़बग्घा, सियार और बिज्जू भी मिलते थे लेकिन अनियंत्रित शिकार और अन्य मानवी गतिविधियों से वह यहाँ विलुप्त हो चुके हैं।[2]

इस क्षेत्र की धरती के रूप विविध हैं। लाल रेत के टीले, लावा की विस्तृत चट्टानें, शुष्क पहाड़ी शृंखलाएँ, सूखी वादियाँ और ऐसे रेतीले क्षेत्र जिसमें चलने वाले दलदल की तरह अन्दर धंसकर डूब जाते हैं - सभी इस रेगिस्तान में मौजूद हैं।

अनुक्रम

कुछ विशेष भौगोलिक चीज़ेंसंपादित करें

  • अद-दहना नाम का एक तंग रेगिस्तानी क्षेत्र जो सउदी अरब के उत्तर में स्थित अन-नफ़ूद​ रेगिस्तान (६५,००० किमी, यानि झारखंड से ज़रा छोटा) को दक्षिणपूर्व के रुब अल-ख़ाली से जोड़ता है
  • उत्तर-से-दक्षिण ८०० किमी तक चलने वाला तुवइक़​ पहाड़ियों का सिलसिला, जो वास्तव में एक पठार का घाट है (इसकी पूर्वी तरफ़ ढलान है लेकिन पश्चिमी ओर अचानक गहरी खाईयाँ हैं)
  • अम्म अस-समीम के दलदल-जैसे अति-शुष्क रतीले क्षेत्र
  • ओमान के पूर्वी तट से लगा वहीबा का रेतीला क्षेत्र (जिसे कभी-कभी रेत का सागर कहते हैं)
  • रुब अल-ख़ाली का महान रेगिस्तानी इलाक़ा, जो इतना सूखा है कि यहाँ बहुत कम प्राणी और वनस्पति मिलते हैं, जिसकी वजह से इसका नाम 'ख़ाली' पड़ा है

देश और निवासीसंपादित करें

अरबी रेगिस्तान का अधिकतर हिस्सा सउदी अरब में आता है, हलाकि इसका कुछ अंश मिस्र के सीनाई प्रायद्वीप, दक्षिण इराक़ और दक्षिणी जोर्डन में भी फैला हुआ है। यहाँ के लोग मुख्य रूप से अरब जाति के हैं, जिसमें शहरों-बस्तियों में रहने वाले और ख़ानाबदोश बदुइन लोग दोनों शामिल हैं। धार्मिक दृष्टि से यहाँ के लगभग सभी लोग इस्लाम के अनुयायी हैं, हालांकि कुछ ईसाई भी बसते हैं। लगभग सभी स्थानीय लोग अरबी भाषा बोलते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Deserts and Desert Environments, Professor Julie J Laity, pp. 26, John Wiley & Sons, 2009, ISBN 978-1-4443-0074-1, ... The Rub' al Khali, the largest continuous body of sand in the world, receives less than 50 mm year ...
  2. Saudi Arabia, Anthony Ham, Martha Brekhus Shams, Andrew Madden, pp. 144, Lonely Planet, 2004, ISBN 978-1-74059-667-1, ... numerous species have been driven to the edge of extinction by hunting, overgrazing and damage to vegetation by 4WD vehicles. Those which are no longer seen in the Sands include the striped hyena, jackal and honey badger, while several species have been reintroduced: the Arabian oryx ...