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अल्फ़ा उत्तरकिरीट उत्तरकिरीट (या कोरोना बोरिऐलिस) तारामंडल में "α" द्वारा नामांकित तारा है

अल्फ़ा उत्तरकिरीट, जिसका बायर नाम अल्फ़ा कोरोनाए बोरिऐलिस (α Coronae Borealis या α CrB) है, उत्तरकिरीट तारामंडल में स्थित एक द्वितारा है। इसका बड़ा तारा, जिसे अल्फ़ा उत्तरकिरीट 'ए' (α CrB A) कहा जाता है, पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ६५वाँ सब से रोशन तारा है। पृथ्वी से देखी गई इस द्वितारे की चमक (सापेक्ष कान्तिमान) +२.२१ मैग्नीट्यूड है और यह पृथ्वी से लगभग ७५ प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।[1]

अन्य भाषाओँ मेंसंपादित करें

अल्फ़ा उत्तरकिरीट तारे को ऐल्फ़ॅक्का (Alphecca) और जॅम्मा (Gemma) भी कहा जाता है। "ऐल्फ़ॅक्का" अरबी भाषा के "नईर अल-फ़क्का" (نير الفكّة‎) से लिया गया है, जिसका मतलब "टूटे चक्र का रोशन तारा" बताया जाता है। जॅम्मा लातिनी भाषा के "Gemma" से लिया गया है, जिसका अर्थ "जवाहर" या "रत्न" है।

विवरणसंपादित करें

अल्फ़ा उत्तरकिरीट का मुख्य तारा, जो α CrB A से नामांकित है, A0V श्रेणी का सफ़ेद मुख्य अनुक्रम तारा है, जिसका द्रव्यमान हमारे सूरज के द्रव्यमान का २.६ गुना और व्यास (डायामीटर) हमारे सूरज के व्यास का २.८९ से ३.०४ गुना अनुमानित किया गया है। इस से बहुत अवरक्त प्रकाश (इन्फ़्रारॅड) उत्पन्न होता दिखा है जिसका अर्थ यह है की इसके इर्द-गिर्द एक धूल और मलबे के चक्र होने की संभावना है। यह भी संभव है कि इसके इस तारे का एक ग्रहीय मंडल हो। इसकी तारे की निहित चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) सूरज की लगभग ७४ गुना है।

इस द्वितारे का छोटा तारा, जो α CrB B से नामांकित है, G5 श्रेणी का एक पीला मुख्य अनुक्रम तारा है, जिसका द्रव्यमान सूरज का ०.९२ गुना और व्यास सूरज का ०.९० गुना है। इस से हमारे सूरज से ३० गुना अधिक तीव्रता से ऍक्स किरणे उत्पन्न हो रही हैं जो इस तारे की युवावस्था का एक संकेत है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Tomkin, J.; Popper, D. M. (1986). "Rediscussion of eclipsing binaries. XV - Alpha Coronae Borealis, a main-sequence system with components of types A and G". Astronomical Journal. 91. डीओआइ:10.1086/114121. बिबकोड:1986AJ.....91.1428T. नामालूम प्राचल |month= की उपेक्षा की गयी (मदद)