औतार सिंह चीमा (1933–1989) प्रथम भारतीय थे जो सफलता पूर्वक माउंट ऐवरेस्ट फतह किया। वो भारतीय सेना के दो असफल प्रयासों के पश्चात १९६५ में माउंट ऐवरेस्ट पर चढ़ने के लिए तैयार किये गये तीसरे मिशन का हिस्सा थे। उन्होंने २० मई १९६५ को सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की। वो भारतीय सेना में पैराशूट पलटन का हिस्सा थे। बाद में उन्हें कर्नल के रूप में प्रोन्नति मिली।[1]

उन्हें उनकी उपलब्द्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री से सम्मानित किया गया।[2] वो राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर जिले के निवासी थे।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 14 अक्तूबर 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 जून 2013.
  2. http://indianarmy.nic.in/Site/FormTemplete/frmTemp2P11C.aspx Archived 24 सितंबर 2011 at the वेबैक मशीन.?