अश्वमेध यज्ञ: विधि और युक्ति (The Ashvamedha: The Rite and its Logic) सुभाष काक की लिखी एक पुस्तक है जिसे मोतीलाल बनारसीदास ने २००१ में प्रकाशित किया। इसमें यह दिखलाया है कि प्रारम्भ में यह यज्ञ आन्तरिक और बाह्य सूर्य के समीकरण और स्वप्रेरणा से जुडा हुआ था।

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