आंकेतिल द्यूपरों (Abraham Hyacinthe Anquetil-Duperron  ; 7 दिसम्बर 1731 - 17 जनवरी 1805) पहला[1] व्यावसायिक फ्रान्सीसी भारतविद था। उसने ही इस विद्या के लिए सांस्थानिक संरचना (फ्रेमवर्क) सम्बन्धी विचार किया। उसकी प्रेरणा से ही उसकी मृत्यु के एक शताब्दी पश्चात 'अति-पौर्वात्य फ्रान्सीसी विद्यालय' (École française d'Extrême-Orient) स्थापित किया गया। 'पुद्दुचेरी का फ्रान्सीसी संस्थान' (Institut français de Pondichéry) का नामकरण उसके नाम पर ही किया गया है।

आंकेतिल द्यूपरों
Abraham Hyacinthe
Anquetil-Duperron
Anquetil1.JPG
जन्म 7 दिसम्बर 1731
पेरिस, फ्रान्स
मृत्यु 7 दिसम्बर 1731
व्यवसाय पूर्वविद्यावादी (Orientalist)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. T. K. John, "Research and Studies by Western Missionaries and Scholars in Sanskrit Language and Literature," in the St. Thomas Christian Encyclopaedia of India, Vol. III, Ollur[Trichur] 2010 Ed. George Menachery, pp.79 - 83