इंग्लैंड का कलीसिया अथवा चर्च ऑफ इंग्लैंड (अंग्रेज़ी: Church of England) इंग्लैंड में आधिकारिक तौर पर स्थापित ईसाई चर्च है और विश्वव्यापी ऐग्लिकन कॉमयूनियन का मातृ चर्च है। चर्च स्वयं को पश्चिमी ईसाइयत की परंपरा के अंतर्गत समझता है और अपनी औपचारिक स्थापना सेंट ऍगस्टीन ऑफ कैंटरबरी द्वारा 597 ई. में इंग्लैंड के मिशन के समय से बताता है।

चर्च ऑफ इंग्लैंड
The Church of England badge is copyright © The Archbishops' Council, 2000.
सर्वोच्च गवर्नर महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय
प्राइमेट रोवन विलियम्स (कैंटरबरी के आर्कबिशप)
मुख्यालय चर्च हाउस,
ग्रेट स्मिथ स्ट्रीट,
लंदन,
यूनाइटेड किंगडम,
SW1P 3AZ
क्षेत्र इंग्लैंड, आइल ऑफ़ मैन, चैनल द्वीपसमूह, महाद्वीपीय यूरोप, जिब्राल्टर
सदस्य 944,000 नियमित रूप से चर्च जाने वालें (औसत रविवार उपस्थिति)[1]
25 मिलियन बपतिस्मा सदस्य[2]
वेबसाइट churchofengland.org

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. बट्ट, रियाजत (3 फ़रवरी 2011). "Church of England attendance falls". द गार्डियन. लंदन. Archived from the original on 21 जून 2012. Retrieved 26 अक्टूबर 2011. Check date values in: |accessdate=, |date=, |archive-date= (help)
  2. ग्लेडहिल, रुथ (15 फ़रवरी 2007). "Catholics set to pass Anglicans as leading UK church". द टाइम्स. लंदन. Archived from the original on 18 सितंबर 2011. Retrieved 26 अक्टूबर 2011. Check date values in: |accessdate=, |date=, |archive-date= (help)

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें