उत्तराखंड परिवहन निगम, जिसे यूटीसी भी कहा जाता है, उत्तराखंड राज्य की सरकारी स्वामित्व वाली बस सेवा है। उत्तराखंड परिवहन निगम अपनी १४१९ बसें उत्तराखंड के शहरों के बीच, और अन्य राज्यों, जैसे हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, और जम्मू और कश्मीर के शहरों तक चलाता है। निगम की बसें हर दिन ३,५०,००० किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती है, और १,००,००० से अधिक लोगों की यात्रा आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। यह टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी प्रदान करता है।

उत्तराखण्ड परिवहन निगम
रोडवेज़
संस्था अवलोकन
स्थापना ३० अक्टूबर २००३
मुख्यालय देहरादून
उत्तरदायी मंत्री यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री
वेबसाइट
http://utc.uk.gov.in/

इतिहाससंपादित करें

वर्ष २००० में उत्तर प्रदेश के विभाजन पर, नवनिर्मित उत्तराखंड राज्य ने अपनी स्वयं की राज्य परिवहन निगम की आवश्यकता महसूस की, इसलिए उत्तराखंड परिवहन निगम को ३० अक्टूबर २००३ को सड़क परिवहन अधिनियम, १९५० के प्रावधानों के तहत स्थापित किया गया।

आधारिक संरचनासंपादित करें

निगम का देहरादून में अपना कॉर्पोरेट कार्यालय है, और देहरादून, नैनीताल(काठगोदाम हल्द्वानी) और टनकपुर में तीन डिवीजनल कार्यालय हैं। प्रत्येक प्रभाग में एक क्षेत्रीय कार्यशाला है जहां प्रमुख मरम्मत और रखरखाव के काम के साथ-साथ असेंबली पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाता है। प्रत्येक प्रभाग को आगे डिपो नामक परिचालन इकाइयों में विभाजित किया गया है। निगम में डिपो की कुल संख्या १८ है, प्रत्येक डिपो में सहायक रखरखाव सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक कार्यशाला संलग्न है।

निगम के बेड़े में वर्तमान में १४१९ से अधिक बसें हैं, और इसके अतिरिक्त उसने ५५ निजी बसों को भी रखा है। राज्य के पहाड़ी मार्गों पर ही कुल बसों में से करीब ६०० बसें चलाई जाती हैं। निगम अपनी बसों को ५ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, जो कि शहरी परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए जेएनयूआरएम के तहत चलती है। ये हैं वोल्वो बसें, डीलक्स बसें, एयर कंडीशनड बसें, लो फ्लोर बसें, स्कैनिया और साधारण बसें। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड परिवहन निगम ने पर्यावरण को देखते हुवे इलेक्ट्रिक बसो का संचालन भी शुरू किया है जो हल्द्वानी से नैनीताल और देहरादून से मसूरी के बीच चल रही है

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें