कच्चे धागे (1973 फ़िल्म)

1973 की राज खोसला की फ़िल्म

कच्चे धागे 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म का निर्माण और निर्देशन का काम राज खोसला ने किया है। इस फिल्म में विनोद खन्ना, मौसमी चटर्जी, कबीर बेदी और निरूपा रॉय मुख्य किरदार निभा रहे हैं। इस फिल्म को पहली बार 18 जून 1973 को सिनेमाघर

कच्चे धागे
कच्चे धागे1.jpg
कच्चे धागे का पोस्टर
निर्देशक राज खोसला
निर्माता राज खोसला
अभिनेता विनोद खन्ना,
मौसमी चटर्जी,
कबीर बेदी,
निरूपा रॉय,
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
प्रदर्शन तिथि(याँ) 18 जून, 1973
देश भारत
भाषा हिन्दी

कहानीसंपादित करें

ठाकुर बहादुर सिंह (देव कुमार) को तुलसीराम पुलिस के हवाले कर देता है। अदालत उसे फांसी की सजा सुना देती है, जिससे उसकी गर्भवती पत्नी विधवा हो जाती है। वो कसम खाती है कि वो अपने बच्चे को बड़ा करेगी और उसे तुलसीराम को किसी भी कीमत पर खत्म करने को कहेगी। उसका एक बेटा होता है, जिसका नाम वो लखन रखती है। वो बड़े होकर तुलसीराम को मार देता है। अपने पिता की मौत की खबर सुन कर सेना में काम करने वाला रूपा अपने पद से इस्तीफा दे देता है और लखन को मारने की कसम खाता है। उन दोनों की दुश्मनी से बेखबर सोना नाम की एक लड़की का उन दोनों की जिंदगी में प्रवेश होता है। वो दोनों ही उस लड़की से प्यार करने लगते हैं। जब उन्हें पता चलता है कि वे दोनों ही सोना से प्यार करते हैं तो वे फिर से अपनी मरने-मारने वाली दुश्मनी पर आ जाते हैं।

कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."हाय हाय एक लड़का"लता मंगेश्कर3:03
2."कच्चे धागे के साथ"लता मंगेश्कर3:20
3."जा रे जा रे दीवाने"हेमलता, लता मंगेश्कर3:13
4."मेरे बचपन तू जा"लता मंगेश्कर3:03

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें