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कटहल का पेड़ और उस पर लगे फल
कटहल का कोआ, जिसे बड़े चाव से खाया जाता है।
कटहल का पेड़।

कटहल या फनस का वृक्ष शाखायुक्त, सपुष्पक तथा बहुवर्षीय वृक्ष है। यह दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल-निवासी है। पेड़ पर होने वाले फलों में इसका फल विश्व में सबसे बड़ा होता है।[1] फल के बाहरी सतह पर छोटे-छोटे काँटे पाए जाते हैं। इस प्रकार के संग्रन्थित फल को सोरोसिस कहते हैं।

कटहल का लैटिन नामसंपादित करें

औनतिआरिस टोक्सिकारीआ (Antiaris Toxicaria)

पत्तेसंपादित करें

१० सेमी से लेकर २० सेमी लम्बे कुछ चौड़े ,किंचित अंडाकार और किंचित कालापनयुक्त हरे रंग के होते हैं।

पुष्पसंपादित करें

कटहल में पुष्प स्तम्भ और मोटी शाखाओं पर लगते हैं। पुष्प ५ सेमी से लेकर १५ सेमी तक लम्बे , २-५ सेमी गोल अंडाकार और किंचित पीले रंग के होते हैं

फलसंपादित करें

बहुत बड़े -बड़े लम्बाई युक्त गोल होते हैं। उसके उप्र कोमल कांटे होते हैं। भार में लगभग २० किलो वजन होता है।

कटहल के बीज के गुणसंपादित करें

बीज की मींगी वीर्यवर्धक ,वात ,पित्त तथा कफ नाशक होती है। मंदाग्नि रोग वालों को कटहल खाना छोड़ देना चाहिए।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें