महामहोपाध्याय काशिनाथ वासुदेव अभ्यंकर (७ अगस्त १८९० -- ०१ दिसम्बर १९७६) मराठी के साथ-साथ अर्धमागधी, प्राकृत और संस्कृत के अन्तरराष्ट्रीय ख्याति के विद्वान थे। उनका जन्म सतारा के सुप्रसिद्ध संस्कृत विद्वानों के अभ्यंकर परिवार में हुआ था। वे महामहोपाध्याय वासुदेव महादेव अभ्यंकर के पुत्र थे।

उनकी शिक्षा पाठशाला के पारम्परिक परिवेश में तथा पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज में हुई। उन्होने १९१३ में मुम्बई सरकार के शिक्षा विभाग में सेवा से आरम्भ की और १९४५ में अहमदाबाद के गुजरात महाविद्यालय से सेवानिवृत हुए।

कृतियाँसंपादित करें

  • व्याकरणमहाभाष्य -- इस ग्रन्थ का ७ खण्डों में (मराठी अनुवाद सहित) उन्होने सम्पादन किया।
  • अ डिक्शनरी ऑफ संस्कृत ग्रामर
  • परिभाषासङ्ग्रह
  • हयग्रीव के शाक्तदर्शन का संस्कृत में टीका
  • जैमिनि के उपदेशसूत्र की टीका

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें