किसान उन्हें कहा जाता है, जो खेती का काम करते हैं। इन्हें 'कृषक' और 'खेतिहर' के नाम से भी जाना जाता है। ये बाकी सभी लोगों के लिए खाद्य सामग्री का उत्पादन करते हैंं। इसमें विभिन्न फसलें उगाना, बागों में पौधे लगाना, मुर्गियों या इस तरह के अन्य पशुओं की देखभाल कर उन्हें बढ़ाना भी शामिल है। कोई भी किसान या तो खेत का मालिक हो सकता है या उस कृषि भूमि के मालिक द्वारा काम पर रखा गया मजदूर हो सकता है।

किसान
Farmer, Nicaragua.jpg
निकारागुआ का एक किसान
व्यवसाय
व्यवसाय प्रकार
नौकरी
गतिविधि क्षेत्र
खेती
विवरण
रोज़गार
का क्षेत्र
बाजार

अच्छी अर्थव्यवस्था वाले जगहों में किसान ही खेत का मालिक होता है और उसमें काम करने वाले उसके कर्मचारी या मजदूर होते हैं। हालांकि इससे पहले तक केवल वही किसान होता था, जो खेत में फसल उगाता था और पशुओं, मछलियों आदि की देखभाल कर उन्हें बढ़ाता था।

नेपाल के दार्चुला जिलें में एक किसान

प्रकारसंपादित करें

कुछ देशों में सामान्यतः इस शब्द का उपयोग पशुपालन और उसको बढ़ाने से होता है, जिसमें भेड़, बकरी, घोड़े आदि आते हैं। अमेरिका में इसके लिए रेंचर्स शब्द का उपयोग किया जाता है और ऑस्ट्रेलियायूनाइटेड किंगडम में ग्रेजियर्स शब्द प्रचलित है। दुग्ध उत्पादन में लगे लोगों को भी इन देशों में किसान कहा जाता है। इसी के साथ साथ मुर्गियों, बत्तख, हंस आदि को बढ़ाने वाले और उनसे मांस, अंडे और पंखों का उत्पादन करने वालों को भी किसान ही माना जाता हैl

कुछ विकसित देशों में किसान शब्द का उपयोग किसी व्यवसायी या पेशेवर के लिए किया जाता है, जिसके पास फसल उगाने के लिए जमीन और रुचि तो होता ही है, पर साथ ही साथ वह लोगों को उसमें काम करने के लिए भी रखता है या किसी के द्वारा उस कार्य को करवाता है।

व्यावसायिक खतरे और कीटनाशक पदार्थ से खतरासंपादित करें

 
ट्रैक्टर आधुनिक खेती का प्रतीक बन गया है।

कृषि कार्य में कई सारे खतरे होते हैं। इनमें खेती करने वाले किसानों को खेत में कई सारे खतरनाक जीव-जन्तुओं का सामना करना पड़ता है। खेत में काम करते समय बिच्छुओं, चीटियों, मधुमक्खियों आदि के काटने का बहुत बड़ा खतरा रहता है। किसानों को बहुत भारी और बड़े मशीनों के साथ काम करना पड़ता है, उनसे भी चोट लगने और मौत होने की भी संभावना रहती है।

घातक कीटनाशक पदार्थ के प्रयोग से खतरा

खेती किसानी में अत्याधिक मात्रा में कीट पदार्थ का प्रयोग की जाने की वजह से खतरा बढ़ते ही चले जा रहा है रसायन और कीटनाशक का प्रयोग की वजह से किसानों में भी इसका इन्फेक्शन आ जाने के कारण मनुष्य जीवन के इम्यूनिटी पावर पर असर पड़ रहा है कीटनाशक पदार्थ का उपयोग करने के कारण फसलों में भी एक नाशक पदार्थ के अंश चले जाते हैं जिस वजह से भी मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो चुकी है अतः घातक कीटनाशक योग का प्रतिबंध कर प्राकृतिक तरीके से खेती किसानी शुरू करनी चाहिए जो पूरी तरह से सुरक्षित और फसल की शुद्धता भी बनी रहती है इंसान के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने हेतु जहर मुक्त अनाज फसल का सेवन करना चाहिए

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें