कुणबी (अथवा कणबी[1]) पश्चिमी भारत में पारंपरिक रूप से गैर-कुलीन किसानों की जातियों के लिए लागू एक सामान्य शब्द है।[2][3][4][5] इस वर्ग के लोग मुख्य रूप से महाराष्ट्र राज्य में पाए जाते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल और गोवा में भी मौजूद हैं। महाराष्ट्र में कुणबी लोग अन्य पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत रखा गया है।[6][a][b]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. जे॰एच॰ हटन. भारत में जाति-प्रथा: स्वरूप, कर्म और उत्पति. मोतीलाल बनारसीदास प्रकाशक. पृ॰ 20. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 8120822110. मूल से 31 अक्तूबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 31 अक्तूबर 2018. पाठ "year -2007" की उपेक्षा की गयी (मदद)
  2. Lele 1981, पृष्ठ 56 Quote: "Village studies often mention the dominance of the elite Marathas and their refusal to accept non-elite Marathas such as the Kunbis into their kinship structure (Ghurye, 1960; Karve and Damle, 1963)."
  3. Gadgil & Guha 1993, पृष्ठ 84 Quote: "For instance, in western Maharashtra the Rigvedic Deshastha Brahmans are genetically closer to the local Shudra Kunbi castes than to the Chitpavan Konkanastha Brahmans (Karve and Malhotra 1968)."
  4. Dhar 2004, पृ॰ 1218.
  5. Singh, Lal & Anthropological Survey of India 2003, पृ॰ 734.
  6. Dhar 2004, पृ॰प॰ 1179–1239.
  7. Lamb 2002, पृ॰ 7.
  8. Farquhar 2008, पृ॰प॰ 162–164.
  9. Srinivas 2007, पृ॰प॰ 189–193.
  10. Rajagopal 2007.
  11. Datta-Ray 2005.

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