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यूरेशिया में सन् 1200 काल में कूमान-किपचाक परिसंध का विस्तार

कूमान (Cuman), जिन्हें रूसी भाषा में पोलोव्त्सी (Polovtsi) कहा जाता था, एक तुर्क बंजारा समुदाय था जो 1237 ईसवी में होने वाले मंगोल हमले तक यूरेशियाई स्तेपी में कृष्ण सागर से उत्तरी में और वोल्गा नदी के किनारे विस्तृत कूमान-किपचाक परिसंध की पश्चिमी शाखा थी। मंगोल हमले के बाद उनमें से कई ने हंगरी में शरण ली थी। इस आक्रमण से पहले इनका कॉकस और ख़्वारेज़्म क्षेत्र पर बहुत प्रभाव था, और वे भारी मात्रा में हंगरी और बुल्गारिया में बसने लगे थे।[1][2][3]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Robert Lee Wolff: "The 'Second Bulgarian Empire.' Its Origin and History to 1204" Speculum, Volume 24, Issue 2 (April 1949), 179; "Thereafter, the influx of Pechenegs and Cumans turned Bulgaria into a battleground between Byzantium and these Turkish tribes..."
  2. Bartusis, Mark C. (1997). The Late Byzantine Army: Arms and Society, 1204–1453. University of Pennsylvania Press. पपृ॰ 26–27. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8122-1620-2.
  3. Spinei, Victor (2009). The Romanians and the Turkic Nomads North of the Danube Delta from the Tenth to the Mid-Thirteenth Century. Leiden: Brill.