क्वेस्टा एक संरचनात्मक स्थलरूप है जो उन इलाको में बनती है जहाँ कठोर और कोमल चट्टानों की परतें एक के बाद एक और झुकाव युक्त संस्तर के रूप में पायी जाती हैं।[1] परिणाम यह होता है कि कोमल या मृदु चट्टान का कटाव तेज़ी से होता है और कठोर चट्टान एक लम्बी पहाड़ियों की शृंखला के रूप में शेष बचती है। इसका एक ढाल तेज़ होता है और दूसरा ढाल सामान्य होता है। इससे संबंधित एक और स्थलरूप हॉगबैक या शूकरपीठ शैल है जिसमें दोनों ढालों की तीव्रता बराबर होती है।सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; बिना नाम के संदर्भों में जानकारी देना आवश्यक है।

क्रीमिया में एक क्वेस्टा
एक क्वेस्टा का आरेखीय चित्रण, नति ढाल बायीं ओर और कठोर चट्टानों कि परतें गहरे रंगों में

सन्दर्भसंपादित करें

  1. सिंह, सवीन्द्र. भू आकृति विज्ञान (6 संस्करण). इलाहबाद: प्रयाग पुस्तक भवन. पृ॰ 58.