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(1) खरपतवार (weed) (जेथ्रो टूल)(1731) === के अनुसार खरपतवार वे अवांछित पौधे हैं जो किसी स्थान पर बिना ब्वॉय उगते हैं और जिनकी उपस्थित किसान को लाभ की तुलना में हानिकारक अधिक है खरपतवार कहलाते हैं (2) (डॉक्टर बील) === के अनुसार खरपतवार एक पौधा है जो अनचाहे स्थान पर उगता है उसे खरपतवार कहते हैं

अनुक्रम

वर्गीकरणसंपादित करें

प्राकृतिक गुण के आधार पर विभिन्न फसलों में उगने वाले खरपतवारों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है-

  • (१) घास
  • (२) सेज़ (Sedge) एवं
  • (३) चौड़ी पत्ती वाले खरपत्वार

घास एकबीजपत्रीय पौधा है। इसकी पत्तियां लम्बी, संकरी तथा सामान्यतः शिरा-विन्यास वाली, तना बेलनाकार तथा अग्रशिखा शिश्नच्छद से ढका होना, जड़े सामान्यतः रेशेदार तथा अपस्थानिक ढंग की होती है। सेज वर्गीय खरपतवार भी घास की तरह ही दिखते हैं, परन्तु इनका तना बिना जुड़ा हुआ, ठोस तथा यदा-कदा गोल की अपेक्षा तिकोना होता है। वे खरपतवार जिनकी पत्तियां चौड़ी होती हैं तथा जिनमें जाल-शिरा विन्यास और मूसल जड़ (मूल) प्रणाली पाई जाती है, चौड़ी पत्ती वाले कहलाते हैं। सामान्यतः ये द्विबीजपत्री होते हैं। सभी चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार द्वि-बीजपत्री नहीं होते। उदाहरणार्थ जलकुंभी तथा इर्कोनिया क्रासिपस चौड़ी पत्ती होने पर भी एकबीजपत्रीय ही हैं।

प्रमुख खरपतवारसंपादित करें

खरपतवार नियंत्रणसंपादित करें

प्रत्यक्ष विधियाँसंपादित करें

  • (१) हाथों से खरपतवार निकालना- हाथों से खींचकर खरपतवारों को निकालना या खुरपी, हँसिया, कुदाल आदि से निकालना
  • (२) मशीन से खरपतवार निकालना - जैसे रोटरी वीदर से खरपतवार निकालना

सस्य क्रियाएंसंपादित करें

जैव-नियंत्रण उपायसंपादित करें

रासायनिक विधियाँसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें