खैरना उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में एक छोटा सा नगर है, जो इसी नाम के पुल के दोनों ओर बस गया। खैरना पुल कोसी नदी पर ब्रिटिश काल के समय से ही स्थित है। खैरना मछिलयों के शिकार के लिए विख्यात है।

खैरना
—  नगर  —
खैरना पुल, १८९५
खैरना पुल, १८९५
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तराखण्ड
ज़िला [[ज़िला|]]

निर्देशांक: 29°29′48″N 79°28′52″E / 29.496571°N 79.480985°E / 29.496571; 79.480985

इतिहाससंपादित करें

१९ वीं सदी के अंत में ब्रिटिश सरकार ने खैरना नदी से लगती एक नई सड़क बनाने का फैसला किया, ताकि रानीखेत छावनी को संयुक्त प्रांत की तत्कालीन ग्रीष्मकालीन राजधानी, नैनीताल के साथ सीधे कनेक्ट किया जा सके। इससे पहले नैनीताल से रानीखेत जाने के लिये अल्मोड़ा होकर जाना पड़ता था। धीरे-धीरे लोगों ने पुल के दोनों छोरों पर दुकानें स्थापित करना शुरू किया, और इस प्रकार खैरना बाज़ार का उद्गम हुआ। धीरे धीरे लोग बढ़ते गए, और वह बाजार आज एक छोटे से कस्बे का रूप धारण कर चुका है।

भूगोलसंपादित करें

खैरना नगर, कोसी और शिप्रा नदियों के संगम पर स्थित है। यह नैनीताल और रानीखेत, दोनों से ही ३० किमी की दूरी पर स्थित है। खैरना पुल भुवाली-रानीखेत रोड के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग १०९ के जंक्शन को चिह्नित करता है। खैरना नदी के पानी में आयरनस्टोन और क्वार्टजाइट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

शिक्षासंपादित करें

खैरना में एक राजकीय इंटर कॉलेज स्थित है, जिसमें लगभग ४०० छात्र अध्ययन करते हैं।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  • "In a league of its own". The Hans India (अंग्रेज़ी में). 17 October 2015. मूल से 13 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 April 2017.

सन्दर्भसंपादित करें

  • कपाड़िया, हरीश (1999). Across peaks & passes in Kumaun Himalaya (अंग्रेज़ी में). दिल्ली: इंडस प्रकाशन.