भारत में मसालों का ज़ायका क्षेत्र के अनुसार बदलता रहता है इसीलिए पंजाबी गरम मसाले, कश्मीरी गरम मसाले, केरलाई गरम मसाले आदि नामों से मसाले बनते हैं। इनमें क्षेत्र को निवासियों के स्वाद व पसंद के अनुसार घटकों में परिवर्तन होता रहता है। इलायची, काली मिर्च, जीरा, दालचीनी व लवंग सभी मसालों में शामिल होतो हैं। बाकी घटक क्षेत्रवार या पसंद के अनुसार मिलाए जाते हैं, जैसे, पंजाबी गरम मसाले में धनिया, तेजपत्ता, सोंठ भी मिलाए जाते हैं। इसी प्रकार कश्मीरी गरम मसाले में घटकों की संख्या अधिक होती है जिससे व्यंजन में खुशबू आती है और ज़ायके में अंतर होता है। यहाँ चारों किस्म के मसालों का तुलनात्मक चार्ट दिया जा रहा है -

पिसा हुआ गरम मसाला
गरम मसाले के घटक: (ऊपर से दक्षिणावर्त्त) काली मिर्च, लौंग, बड़ी इलायची, जायफल एवं हरी इलायची। हालांकि इनके अलावा भी अन्य घटक अलग -अलग प्रकार के गरम मसालों में हो सकते हैं।
कश्मीरी केरलाई पंजाबी
काली मिर्च - काली मिर्च
जीरा - जीरा
छोटी इलायची - -
बड़ी इलायची बड़ी इलायची बड़ी इलायची
दालचीनी दालचीनी दालचीनी
लवंग लवंग लवंग
चक्रफूल चक्रफूल -
जायफल जायफल -
तेज पत्ता - -
धनिया - -
- जावित्री -
- - सोंठ

घटकों की मात्राएँ इस बात पर निर्भर करेंगी कि हमें कितनी मात्रा में मसाला चाहिए। आमतौर पर २०० या २५० ग्राम की कुल मात्र के आधार पर घटकों की मात्रा निर्धारित की जाती है।